बिना रोज़गार गारंटी कार्य में पहुंचे मेट के परिवारों का भराया जा रहा है फर्जी हाजिरी ।।



यह पूरा मामला ग्राम पंचायत बिरेंद्रनगर का है जहा बिरेंद्रनगर पंचायत में रोजगार अधिनियम 2005 के तहत मनरेगा मजदूरी का कार्य चल है जहां बिरेंद्रनगर के मनरेगा कार्य में लगे मेट लोगो का लापरवाही सामने निकालकर आया है,ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक मेट लोगो गंभीर आरोप है।

की बगैर रोजगार गारंटी कार्य स्थल में पहुंचे उन मेट लोगो के सभी परिवारों का घर बैठे फर्जी हाजिरी डालकर पेमेंट निकाला जा रहा है,यह मामला पूरा सामने खुलकर आया है, आरोप है की यह किसकी मिली भगत से यह योजना कार्य का पैसा निकालने में अंजाम दे रहे है, क्या किसी के दबाव या किसी धांधली में बदले किया जा रहा है,
जब ग्रामीणों को इस बात की पूरी जानकारी होने मिली तो ग्रामीणों के लोगो ने जोरदार हंगामा कर मनरेगा के कार्य को बंद करने का फैसला कर दिया गया है

अब इस कालाबाजारी के पीछे और किन किन लोगो का हाथ जुड़ा हुआ है यह जांच होने के बाद ही खुलासा हो पाएगा,मजदूरों का यह भी आरोप है की मनरेगा कार्य करने के पश्चात भी दिन में दो बार फोटो खिंचवाने के लिए चिलचिलाती तपती धूप में दोपहर में भी फोटो खिंचवाने के लिए जिओ टेक कार्य स्थल पर जाना पड़ता है,तब जाकर हम मजदूर लोगो का मनरेगा में रोजी ( हाजरी) भरा जाता है, इस पूरी कार्यशैली से गुजरकर हमारा हाजिरी भरा जाता है 

लेकिन क्या मेट के परिवार लोगो का हाजिरी बिना मनरेगा कार्य में उपस्थिति ऑनलाइन जिओ टेक से हाजिरी से कैसे उन लोगो का हाजिरी भरा जाता है, ग्रामीण का आरोप है की मेट के परिवारों का मनरेगा में बिना आए 240 रूपय/दिन के हिसाब से रोजी डाला जाता है और हम कार्य करने वाले मजदूरों का 180 की दर दर से रोजी डाला जाता है, जब इस पूरी मामले की पता चलने पर कुछ मीडिया कर्मी पहुंचे तो सरपंच भी अनुपस्थित पाया गया , और बार बार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच को कॉल करने पर भी नहीं उठाया गया,तथा मौके पर कार्यस्थल में भी नहीं मौजूद हुआ,वही बिरेंद्रनगर के मजदूरों का कहना है की जब तक सभी मेट के ऊपर कोई उच्च वैधानिक कार्यवाही नहीं होगा तब तक हंगामा जारी मनरेगा का कार्य भी पूरी तरह बंद रहेगा। 

इस पूरी कारनामा को लेकर ग्रामीण के लोग लिखित शिकायत के लिए जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ, तथा जिला कलेक्टर को आवेदन के साथ उच्च जांच के लिए विज्ञापन सौंपी गई।अब देखने वाली बात यह है की आखिर इस दोषियों के ऊपर मजदूरों के द्वारा शिकायत किस प्रकार से जांच कर कार्यवाही करते है, 


▶️न जाने यह मेट मुंशी लोग कब तक ऐसी फर्जी हाजिरी डालते चले आ रहे हो

▶️क्या इस फर्जी हाजिरी के पीछे उनकी भी थोड़ी बहुत फायदा होता होगा ।।

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