कवर्धा : कबीरधाम जिले के भोरमदेव थाना क्षेत्र में कई दिनों से लापता एक महिला का शव जंगल में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का फोरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार ग्राम चौरा निवासी झंगल बैगा ने 1 अगस्त को थाना भोरमदेव में अपनी पत्नी चैती बाई बैगा (28 वर्ष) की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि चैती बाई 26 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी और वापस नहीं लौटी। सूचना मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी थी। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से आसपास के जंगल और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की जा रही थी।
तलाशी अभियान के दौरान महिला के घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल-झाड़ियों के बीच एक सेन्हा पेड़ की डंगाल पर उसकी साड़ी का एक सिरा बंधा हुआ मिला। इसके बाद आसपास की गहन तलाशी लेने पर पेड़ के नीचे और आसपास मानव अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भोरमदेव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच के लिए बुलाया गया।
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर अलग-अलग स्थानों पर मानव खोपड़ी, पसलियां और पैर की हड्डियां बिखरी हुई मिलीं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शव को जंगली जानवरों ने क्षत-विक्षत कर विभिन्न स्थानों पर फैला दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगा।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सभी मानव अवशेष और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किए। परिजनों ने चूड़ियों और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर मृतका की पहचान चैती बाई बैगा के रूप में की। सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल कवर्धा भेज दिए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और जांच जारी है।