कबीरधाम। बोड़ला विकासखंड दलदली मार्ग खरिया से आगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित सड़क महज चार महीने में धंसने का मामला अब गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। सड़क पर ट्रक का पहिया धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य स्तरीय तकनीकी जांच कराई गई, जिसमें निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान कोर कटिंग सहित अन्य तकनीकी परीक्षण कराए गए। जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता संबंधी कमियां मिलने पर निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं गुणवत्ता की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यपालन अभियंता संतोष ठाकुर के निलंबन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जांच में सामने आया कि सड़क के क्षतिग्रस्त होने के पीछे दो प्रमुख कारण रहे। पहला, 12 टन क्षमता के लिए निर्मित सड़क पर लगातार 60 से 70 टन तक भार वाले ओवरलोड वाहनों का आवागमन और दूसरा, सड़क के दोनों किनारों (शोल्डर) का तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्माण नहीं होना। सचिव ने क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने, शोल्डर को मानकों के अनुसार विकसित करने तथा भविष्य में ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बोड़ला विकासखंड में ग्राम मांदाभाटा से अगरी तक लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत से 3.50 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया था। इस सड़क से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और बरसात के दौरान बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पहली ही बारिश में सड़क का एक हिस्सा धंस जाने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
निरीक्षण के दौरान सचिव भीम सिंह ने निर्माण एजेंसी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। प्राथमिक तकनीकी जांच में सड़क की मुख्य परत मानकों के अनुरूप पाई गई, लेकिन शोल्डर निर्माण में गंभीर खामियां उजागर हुईं। अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों का दबाव भी सड़क क्षतिग्रस्त होने का एक बड़ा कारण रहा, हालांकि इतनी कम अवधि में सड़क का धंस जाना निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है
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