नाली निर्माण कार्य पर उठे सवाल, नागरिकों ने गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जताई चिंता


कवर्धा/पंडरिया। नगर पालिका परिषद पंडरिया द्वारा गांधी चौक स्थित महामाया गेट से मोदेराम चौक की ओर कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर संदेह की स्थिति बन गई है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर स्थानीय रेत, मिट्टीयुक्त सामग्री तथा धूल-मिश्रित गिट्टी का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। नागरिकों का मानना है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

लोगों ने यह भी बताया कि निर्माण स्थल पर अब तक सूचना पटल (डिस्प्ले बोर्ड) नहीं लगाया गया है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य में लागत, कार्य एजेंसी, स्वीकृति, निर्माण अवधि एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रदर्शन किया जाना आवश्यक होता है, ताकि आम जनता को परियोजना संबंधी जानकारी मिल सके। सूचना पटल के अभाव में कार्य की पारदर्शिता को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण और नियमित निगरानी के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य की प्रभावी निगरानी नहीं होने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
क्षेत्र के लोगों ने यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए तथा उपयोग की जा रही सामग्री का परीक्षण कराया जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण स्थल पर आवश्यक सूचना पटल लगाने तथा गुणवत्ता संबंधी शिकायतों का परीक्षण कराने की मांग की है। नाली निर्माण कार्य को लेकर उठे इन सवालों ने एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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