सुखी धान की बाली बारिश में भीगने के कारण किसानों की मुनाफा में ला सकती है भारी गिरावट,
खेतों में बीज बोने के बाद एक ओर रूठे मौसम ने बारिश ही नहीं दिया,लगातार धूप की वजह बारिश नहीं होने से बीजों में अंकुर में समस्या आई जिनसे और नुकसान का समाना करना पड़ा लेकिन अब फसल पकने के बाद किसान अपनी फसल की कटाई भी शुरू कर दिया है
लेकिन अचानक बदली मौसम ने किसानों की चिंता और दोगुनी बढ़ा दी है,किसान हताश मायूस नजर आ रही है,
*खाड़ी में बनी तूफान ने राज्य में बदला में बदला मौसम*
राज्य में पूरी तरह लौटे मानसून के बाद इन दिनों बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाव का चक्रवाती हवाओं ने तूफान मोथा का रूप ले लिया है जो राज्य में आते - आते कमजोर होकर वेलमार्क लो प्रेशर का रूप में तब्दील हो गई है,जिनके चलते राज्य में मौसम बदला हुआ,
मौसम विभाग की माने तो अगले 2 दिनों तक रुक - रुक का बारिश होती रहेगी,
किसान शासन प्रशासन से कर रही अपील
खेती-किसानी पर निर्भर अधिकांश ग्रामीण परिवार अब आर्थिक संकट की चिंता में हैं। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी का समय नजदीक है, लेकिन भीगी हुई फसल न केवल तौल केंद्रों पर अस्वीकृत होगी बल्कि गुणवत्ता में भी गिरावट आएगी।
किसानों ने मौसम विभाग और प्रशासन से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए खरीदी की तारीखों में लचीलापन दिया जाए, ताकि वे नुकसान से बच सकें।