साइबर सेल कबीरधाम की बड़ी उपलब्धि कई पीड़ितों का किया मदद लौटाए रकम

नई दिल्ली, गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022 से आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने, ठगी की रकम को तुरंत होल्ड करने और अवैध लेन-देन पर रोक लगाने के उद्देश्य से सायबर पुलिस पोर्टल (Citizen Financial Fraud Reporting Tool) संचालित किया जा रहा है। इस पोर्टल की मदद से कोई भी नागरिक टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करके, अपने नजदीकी थाना/सायबर सेल से या पोर्टल के माध्यम से सीधे ठगी की शिकायत दर्ज कर सकता है।

कबीरधाम पुलिस ने इस पोर्टल का प्रभावी उपयोग करके यह दिखाया है कि ठगी की रकम भी वापस लाई जा सकती है। अब तक 97 मामलों में पीड़ितों की करीब 40 लाख रुपए की राशि माननीय न्यायालय के आदेश पर पीड़ितों को वापस कराई गई है। कई अन्य प्रकरणों में भी रकम वापसी की प्रक्रिया प्राथमिकता से जारी है।
इस उपलब्धि के पीछे कबीरधाम साइबर सेल की टीम का सतत प्रयास और त्वरित कार्रवाई रही है। बैंक शाखा प्रबंधकों और मर्चेंट सर्विस प्रदाताओं से लगातार समन्वय बनाते हुए होल्ड की गई राशि को जल्द से जल्द पीड़ितों तक पहुंचाना ही टीम का लक्ष्य रहा। इस कार्य में निरीक्षक महेश प्रधान, सउनि चंद्रकांत तिवारी, आरक्षक आकाश राजपूत, मनीष कुमार, शिवम् मण्डावी, अजय यादव और उपेन्द्र सिंह का योगदान सराहनीय रहा, जिन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय कार्य किया है।


"साइबर ठगी से बचाव के उपाय"

1. अज्ञात कॉल, लिंक या ईमेल पर कभी भी क्लिक न करें।
2. किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या सीवीवी साझा न करें।
3. बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर आपकी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती, इसलिए ऐसे कॉल को तुरंत काट दें।
4. केवल अधिकृत और सुरक्षित वेबसाइट या ऐप पर ही ऑनलाइन खरीदारी करें।
5. अपने बैंकिंग ऐप्स और पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें।
6. पब्लिक वाई-फाई पर ऑनलाइन बैंकिंग या पेमेंट करने से बचें।
7. सोशल मीडिया पर अपनी वित्तीय जानकारी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की फोटो या बैंक स्टेटमेंट साझा न करें।

"यदि साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?"

1. जैसे ही आपको ठगी का पता चले, तुरंत टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
2. नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
3. संबंधित बैंक या वॉलेट प्रदाता को तुरंत सूचित करें ताकि रकम होल्ड की जा सके।
4. अपने मोबाइल, ईमेल और बैंकिंग पासवर्ड तुरंत बदल लें।
5. पुलिस की जांच में पूरा सहयोग दें और घटना की पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से साझा करें।

सायबर पुलिस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि पीड़ित जितनी जल्दी सूचना देगा, उतनी ही तेजी से राशि को होल्ड कर उसे वापस दिलाया जा सकता है।

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