कवर्धा :- बोड़ला तहसील के ग्राम सिली पचराही में बच्चो की उज्जवल भविष्य के लिए बन रहे स्कूल चढ़ा भ्रष्टचार के भेंट।।

कबीरधाम जिले के बोड़ला ब्लॉक के अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत बोदा 03 एक आश्रित ग्राम सिली ( पचराही) में बच्चो की उज्जवल भविष्य को संवारने और बेहतर शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए स्कूल भवन के निर्माण में मनमानी के चलते भवन में कोई गुणवत्ता नही ठेकेदार की मनमानी से स्कूल भ्रष्टचार के भेंट चढ़ गए है,

ग्रामीणों की सूचना पर जब कुछ पत्रकार बंधु पहुंचे तो निवासी सिली ग्राम के एक राजू पटेल युवक ने बताया कि हमारे गांव में पुराना भवन है जोकि पूरी तरह जर्जर होकर भरभराकर का क्षतिग्रस्त होकर गिर रहे थे, जिनके अगुवाई में प्रस्ताव पारित कर नया भवन बनाने के लिए स्वीकृत राशि पास हुई है, किसी तरह नया भवन बनाने में पास हुई राशि वो भी भवन निर्माण में काफी 1 महीने पूरे समय हो चुका है फिर भी भवन पूरी तरह अधूरा है, ग्रामीणों का आरोप है की जो भवन निर्माण के लिए इंजीनियर द्वारा नक्शे दिए जाते है, 
इसे भी अनदेखी कर भवन निर्माण में मनमानी किए जा रहे है ,ग्रामीण बताते है की जो दीवाल ईट से जोड़ाई हो रहे है वह भी पूरी तरह टेढ़ा मेढ़ा तथा कोई मजबूरी मसाला ही नही दिख रहे है दीवाल के आरपार एक दूसरे को देखा जा सकता है पूरा तरह दीवाल में मसाला नही होने छेद है,

नही ही दीवाल को फेस में भी नही बनाया हुआ है,ग्रामीण का यह भी आरोप है की हम ठेकेदार को नही जानते हम इतना जानते है की स्कूल भवन निर्माण के लिए पंचायत प्रस्ताव पास होकर आए है 
इस मसले की कथित जानकारी के लिए जब ग्राम पंचायत सचिव सुरेश ध्रुवे को कॉल किया गया तो उन्होंने ने बताया कि, आपको जैसा लगे वैसा करो स्कूल के मामले में मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा, छोटे छोटे बच्चे पढ़ाई कर रहे है गलत काम हुआ है तो गलत हुआ है कार्यवाही होना चाहिए जो इस तरह की घटिया काम करने में लगे हुए है,

सचिव के बाद जब पंचायत सरपंच से बात की गई तो उन्होंने अपनी बात की सफाई देते हुए कहा की मैं ठेकेदार से बात की है जल्द से जल्द एक दो दिन में काम चालू करा दूंगा बोला है, मिस्त्री लोगो का गलती है सरपंच का कहना ,

*बात यह स्पष्ट है की*

सरपंच अपनी गलती को छुपाते नाकामी बताते हुए सारे गलती लेवर मिस्त्री के ऊपर थोप देते है, आपको बता दे की यदि भवन निर्माण में साल दो साल लग जाते है 

तो क्या सिली के छोटे छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर इस जर्जर पानी की टपकते मकान में अपनी पढ़ाई आगे करते रहेंगे, कही हादसे का शिकार न हो जाए इन मासूम छोटे छोटे बच्चो की जिंदगी,अब यह देखने वाली बात है की कब तक इस भवन का निर्माण पूरी तरह हो जाए,

पोस्टेड : उमेश कुमार

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