कवर्धा ( उमेश कुमार ) स्कूलों के तीर म दुकान,ठेला खोलके बेचे ल बैईठे बीड़ी,गुटखा सिगरेट जईसे नशा पदार्थ ऊपर बंद करे के बाद घलो शहर अउ गांव गवई के स्कूल के तीर म अभी ले बेचे बर नी छोड़े हे।
दुकान खोलइया मन अउ स्कूल के गेट के तीर दुकान खोलकेे बीड़ी सिगरेट गुटका बेचत हावे,
जेखर ले स्कूल पढ़ईया लईका मन ह बहुत जादा नशा करे ल धर लेहे, अईसन ल देखत घलो जिला के अधिकारी मन कोई रोक नी लगात हे, न ही बढ़े साहब मन ध्यान देवत हे।
ऐखर नतीजा अइसे होवत की पूछो झन नान नान स्कूल पढ़ाईया लईका मन नशेड़ी होगे हे,स्कूल के तीर म दुकान खोलके बैईठे हे तेन मन खई खजेना बिस्कुट मन ल रखत रखत सिगरेट,बीड़ी,गुटखा, पान मशाला घलो रखे ल धर लेहे जेखर ले लईका मन के आदत घलो बिगड़त जात हे। सरकार के नियम कथे की 100 मीटर स्कूल तीर ले कोई गलत बेचना नी हे अउ स्कूल के बाहिर म सीलपट्टा म लिखे के आदेश हे तभो ले स्कूल के बाहिर म नई लिखे राहय।
जानकारी तुमन ल बतादन ये लपरवाही हरे कवर्धा जिला के तहसील सहसपुर/लोहारा सिल्हाटी गांव के स्कूल 6वी ले 8वी तक पढ़ईया लईका मन ह लगभग 20 मीटर म खुले दुकान म बीड़ी गुटखा लेके लूका के एक पेड़ के ओधा म बीड़ी के धुवां उड़त पियत दिखत हे।।
तभो ले ये स्कूल के मास्टर के ध्यान नी हे । येखर ले ये लगथे की स्कूल के लईका मन अईसने छुट्टा पाके घुमत बीड़ी गुटका खावत स्कूल के बाहरी म घुमत रथे। जेनमा मास्टर जी के ऊपर सवाल घलो उठथे!
का स्कूल के अंदर म लईका मन अपन जेब म धर धर के लेगथे?
स्कूल के अंदर म लईका होय चाहे मास्टर जी गुटका अंदर लेके जाय म सक्त मना हे तभो ले ये स्कूल के दीवार मन म गुटका खाके थूके हे तेखर निशान साफ दिखत हे। ये स्कूल के बात तो हवेच जिला के सबो स्कूल के मास्टर मन गुटका ल मुंहु म भरके खात स्कूल म रथे जेखर ले देख के लईका मन के आदत घलो बिगड़त हे।
स्कूल शिक्षा विभाग ह कारवाही करही त ये सब गलत काम घलो रुक सकत हे !
ये बात ल देखत कहूं पुलिस मन कारवाही करही नशा के ऊपर त रुक घलो सकत हे लेकिन अईसन नी करे ।।
पोस्टेड : उमेश कुमार