मोर गांव मोर पानी माह अभियान की मिसाल पंचायत बड़ौदा कला और गांगपुर में पानी सहेजने के लिए कंटूर ट्रेंच के निर्माण


कवर्धा : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से वित्तीय वर्ष 2025-26 में बंजर भूमि को विकसित करते हुए कुल 4,975 कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया गया है, जिससे लगभग 53 लाख 73 हजार लीटर जल संरक्षण होने की सम्भावना है। कबीरधाम जिले में जल संकट को देखते हुए इसके निदान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री एवं मंत्री पंचायत ग्रामीण विकास विभाग विजय शर्मा की प्रेरणा से गांव का पानी गांव में और घर का पानी घर में के उद्देश्य को पूरा करने के लिए जल संरक्षण और गिरते भू जल स्तर में सुधार के लिए पूरे प्रदेश में मोर गांव मोर पानी महा अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के तहत गत वर्ष जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतो में लोगों ने स्व प्रेरणा से सोख्ता गड्ढे का निर्माण किया था। वर्तमान में कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर महात्मा गांधी नरेगा योजना से जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत गंगापुर के ग्राम कोराइडोंगरी में 15.48 एकड़ बंजर भूमि पर 2,511 कंटूर ट्रेंच बनाए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत बड़ौदाकला के ग्राम बड़ौदाकला में 13.70 एकड़ भूमि पर 2,464 कंटूर ट्रेंच का निर्माण पूर्ण किया गया है।

कंटूर ट्रेंच के लाभ....

इन संरचनाओं से वर्षा जल का बेहतर संचय होता है। जिससे भू-जल स्तर में सुधार, मृदा संरक्षण और हरियाली बढ़ाने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी। साथ ही यह पहल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराते हुए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है। मनरेगा योजना से ग्राम पंचायत गांगपुर में निर्मित कंटूर ट्रेंच से ग्रामीणों को 2564 मानव दिवस का रोजगार मिला है तथा 669204 रुपए का मजदुरी भुगतान प्राप्त हुआ। इसी तरह ग्राम पंचायत बड़ौदा कला में 2485 मानव दिवस का रोजगार और 648585 रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को प्राप्त हुआ है।
जल संरक्षण की दिशा में हो रहा लगातार प्रयास-कलेक्टर  गोपाल वर्मा

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि कंटूर ट्रेंच जैसे कार्यों से स्पष्ट है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने की ठोस सोच पर काम हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र में जल संरक्षण की शुरुआत बताते हुए प्रशासन के पहल कि सराहना की है। हम जिले में अमृत सरोवर,आजीविका डबरी, तालाब गहरीकरण, नया तालाब निर्माण, पक्की एवं कच्ची नाली निर्माण, नाला गाद सफाई कार्य, कंटूर ट्रेंच निर्माण, सोक पिट निर्माण, सामुदायिक डबरी जैसे अनेको कार्य द्वारा इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।इन कार्यों से एक और जहां ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए नई संरचना का निर्माण हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर मनरेगा योजना द्वारा ग्रामीणों को रोजगार और इसका मजदूरी भुगतान भी मिल रहा है।

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